कानपुर में किसान को 3.20 लाख का मुआवजा, गाजर जैसे निकले चुकंदर के बीज, Consumer Court का फैसला
कानपुर में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने एक किसान को खराब बीज के कारण फसल बर्बाद होने पर 3.20 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। किसान ने चुकंदर के बीज खरीदे थे, लेकिन फसल गोल चुकंदर के बजाय गाजर की तरह लंबी निकली, जिससे वह पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
बिल्हौर के सरैयामूड़ निवासी राम किशोर कटियार ने 25 मार्च 2021 को एचएम क्लाउज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सोनू बीज भंडार के खिलाफ परिवाद दाखिल किया था। किसान ने बताया कि उसने 10 अक्तूबर 2019 को सोनू बीज भंडार से चुकंदर का बीज खरीदा था, जिस पर ‘चेडा इम्पोटेड बीज रूट चुकंदर ट्रेटा आयातित’ अंकित था। बीज की कीमत 1350 रुपये थी।
बुआई के बाद जब फसल तैयार हुई तो चुकंदर गोल आकार के बजाय गाजर की तरह लंबे निकले। इस कारण फसल को बाजार में कोई खरीदार नहीं मिला। किसान ने क्षेत्रीय अधिकारी से शिकायत की, जिन्होंने भी बीज को खराब पाया। इसके बावजूद कंपनी ने क्षतिपूर्ति नहीं दी।
आयोग के अध्यक्ष विनोद कुमार और सदस्य नीलम यादव ने किसान के पक्ष में फैसला सुनाया। उन्होंने बीज कंपनी और विक्रेता को 3.20 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति, 7 प्रतिशत ब्याज और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया है। यह फैसला किसानों को खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों से होने वाले नुकसान के खिलाफ एक बड़ी राहत है।
