Agra overbridge construction: OHE लाइन शिफ्टिंग के इंतजार में रुका काम, मई में खुलने की उम्मीद
आगरा में कृष्णा नगर और केसरीखेड़ा के बीच निर्माणाधीन ओवरब्रिज का काम फिलहाल रुका हुआ है। यह रुकावट रेलवे की ओएचई (ओवरहेड इक्विपमेंट) लाइन की शिफ्टिंग के कारण आई है। सेतु निगम के अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले दो से तीन दिनों में यह शिफ्टिंग पूरी हो जाएगी, जिसके बाद गर्डर लांचिंग की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। गर्डर लांचिंग के बाद ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो जाएगा और मई में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
गर्डर लांचिंग का काम क्यों रुका?
ओवरब्रिज के निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण चरण रेलवे लाइन के ऊपर 52.9 मीटर लंबे गर्डर को रखना है। साइट पर जगह की कमी के कारण गर्डर को 12 टुकड़ों में लाया गया है, जिनमें से दो टुकड़ों को जोड़कर तैयार किया गया है। रेलवे लाइन के बगल से गुजर रही ओएचई लाइन को शिफ्ट करने का काम चल रहा है। इस प्रक्रिया में तारों को हटाकर पोल को दूसरी जगह स्थापित किया जा रहा है। रेलवे विभाग द्वारा यह काम पूरा होते ही गर्डर लांचिंग शुरू कर दी जाएगी।
परियोजना की लागत और समयसीमा
केसरीखेड़ा रेलवे ओवरब्रिज दो लेन का है, जिसकी कुल लागत 74.48 करोड़ रुपये है। इस परियोजना को 08 जुलाई 2023 को मंजूरी मिली थी और 03 फरवरी 2024 को निर्माण कार्य शुरू हुआ। शुरुआत में इसे दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण अब यह लक्ष्य जून 2026 कर दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों का प्रयास है कि मई तक ब्रिज को आवाजाही के लिए खोल दिया जाए।
हाइड्रोलिक क्रेन से होगी लांचिंग
स्टील के भारी-भरकम गर्डर को केसरीखेड़ा और कृष्णानगर की तरफ बन चुके ब्रिज के हिस्सों पर रखने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन का उपयोग किया जाएगा। क्रेन साइट पर पहुंच चुकी हैं। गर्डर लांचिंग का काम पूरा होने के बाद ब्रिज के दोनों सिरे आपस में जुड़ जाएंगे। इसके बाद फिटनेस टेस्टिंग, लाइटिंग और डामरीकरण का काम पूरा किया जाएगा।
