कानपुर में 37 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा, फर्जी फर्म के संचालक पर केस दर्ज
कानपुर के गोविंद नगर इलाके से एक बड़े जीएसटी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। सिंह इंटरप्राइजेज नाम की एक फर्म ने फर्जी तरीके से पंजीकरण कराकर सरकारी राजस्व को करीब 37.13 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। राज्य कर विभाग की जांच में यह फर्म सिर्फ कागजों पर ही मौजूद मिली, जबकि हकीकत में इसका कोई अस्तित्व नहीं पाया गया।
विभाग ने मुरादाबाद निवासी फर्म संचालक अरविंद सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहायक आयुक्त राज्यकर प्रभाकर कुमार चौधरी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, अरविंद सिंह ने संजय नगर सीटीआई रोड, कानपुर के पते पर फर्म का पंजीकरण कराया था। जीएसटी पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 204 करोड़ रुपये की खरीद और 206 करोड़ रुपये की बिक्री दर्शाई गई, जिसके आधार पर 36.74 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लिया गया और 37.13 करोड़ रुपये का कर देय दिखाया गया।
जब विभागीय टीम 13 जनवरी को जांच के लिए मौके पर पहुंची, तो वहां 8×10 फीट की एक बंद दुकान मिली, जिस पर कोई बोर्ड नहीं था और न ही किसी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो रही थी। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिशें भी नाकाम रहीं। जांच में यह भी सामने आया कि कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्म का पंजीकरण कराया गया था, क्योंकि नगर निगम के रिकॉर्ड में उस संपत्ति का मालिक कोई और निकला। इस फर्जीवाड़े से सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
इस तरह के फर्जीवाड़े आम जनता के टैक्स के पैसे को सीधे प्रभावित करते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर असर पड़ता है।
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