आगरा बनेगा नया पर्यटन हब: रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर से सजेगा ‘नया आगरा’
उत्तर प्रदेश, विशेषकर अयोध्या और काशी में हुए विकास कार्यों के बाद अब अन्य शहरों में भी पर्यटन को बढ़ावा देने की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में, ताजनगरी आगरा को केवल ऐतिहासिक स्मारकों से आगे बढ़कर एक प्रमुख पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ‘नया आगरा’ (न्यू आगरा अरबन सेंटर) के लिए एक महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान 2041 तैयार किया है। इस योजना के तहत, शहर में रिवरफ्रंट, थीम पार्क और वेलनेस सेंटर जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं पर्यटकों को आकर्षित करेंगी।
ग्रीन रिवर बफर जोन और यमुना का किनारा
नए आगरा को प्रकृति के करीब रखने के उद्देश्य से, 823.7 हेक्टेयर क्षेत्र में एक ‘ग्रीन रिवर बफर जोन’ विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र में यमुना नदी के किनारे सुंदर वॉकवे और बोटिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। यहाँ विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल और दुर्लभ पेड़-पौधे लगाए जाएंगे, जो न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगे बल्कि पर्यावरण को भी शुद्ध रखेंगे। यह पूरा शहर तीन चरणों में 14,480 हेक्टेयर में फैलेगा और 15 लाख लोगों के रहने और काम करने की क्षमता रखेगा।
वेलनेस टूरिज्म और पारंपरिक कला का संगम
मास्टर प्लान के अनुसार, नया आगरा ‘वेलनेस टूरिज्म’ का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। यहाँ एक ‘बायोफिलिक वेलनेस सेंटर’ स्थापित किया जाएगा, जहाँ लोग योग, आयुर्वेदिक मसाज और प्राकृतिक उपचारों के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, स्थानीय कला और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष क्षेत्र भी आरक्षित किया गया है। यहाँ पर्यटक मिट्टी के बर्तन, लकड़ी की नक्काशी, कपड़ा रंगाई और पेंटिंग जैसी पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं को करीब से देख और अनुभव कर सकेंगे।
मनोरंजन और हरियाली के लिए विशेष क्षेत्र
मनोरंजन की दृष्टि से, शहर में 100 हेक्टेयर में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स और इतने ही क्षेत्र में एक अत्याधुनिक ‘खेल गांव’ विकसित किया जाएगा। साथ ही, 40 हेक्टेयर में एक बायोडायवर्सिटी पार्क का भी प्रस्ताव है। पूरे शहर का लगभग 3.08 प्रतिशत, यानी करीब 460 हेक्टेयर क्षेत्र, विशेष रूप से मनोरंजन और हरियाली के लिए आरक्षित रहेगा, जो शहरवासियों और पर्यटकों को सुकून के पल प्रदान करेगा।
ताज ट्रेपेजियम जोन का ध्यान और प्रदूषण नियंत्रण
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, मास्टर प्लान में 405 हेक्टेयर क्षेत्र को पर्यटन के लिए चिह्नित किया गया है, जहाँ लग्जरी और बजट होटल, रिसोर्ट और एग्जीबिशन सेंटर बनाए जाएंगे। यह क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के अंतर्गत आता है, इसलिए यहाँ प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केवल 20 से कम प्रदूषण स्कोर वाले उद्योगों को ही प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ताजमहल की भव्यता और आसपास के पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वर्तमान में, इस संशोधित मास्टर प्लान पर आम जनता से आपत्तियां मांगी जा रही हैं, जिसके बाद विकास कार्य शुरू होगा। इस परियोजना से आगरा में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
