अलीगढ़ कोविड खरीद घोटाला: जांचों के बावजूद फैसला लंबित, करोड़ों की अनियमितता पर सवाल
अलीगढ़ में कोविड काल के दौरान दीनदयाल अस्पताल में उपकरणों की खरीद से जुड़ा एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। करीब एक करोड़ रुपये की इस खरीद में नियमों की अनदेखी और जेम पोर्टल से बाहर खरीद जैसे गंभीर आरोप हैं। इस प्रकरण की चार बार जांच और दो विशेष ऑडिट हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका है।
जांचों में अनियमितताओं का खुलासा
जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक में प्रस्तुत रिपोर्टों के अनुसार, मैसर्स हिंदुस्तान फार्मास्यूटिकल से संबंधित इस खरीद में वित्तीय नियमों का पालन नहीं किया गया। करीब एक करोड़ रुपये की खरीद जेम पोर्टल पर बिड/टेंडर प्रक्रिया के बजाय कोटेशन के माध्यम से की गई, जिसे एक गंभीर अनियमितता माना जा रहा है। विशेष ऑडिट में भी वित्तीय नियमों के उल्लंघन की विसंगतियां पाई गईं, जिसके आधार पर 77 लाख 5 हजार रुपये की रिकवरी तय की गई थी।
पिपेट्स की खरीद दर पर भी सवाल
ऑडिट रिपोर्टों में पिपेट्स की खरीद दर पर भी सवाल उठाए गए हैं। दीनदयाल अस्पताल ने पिपेट्स लगभग 17 रुपये प्रति इकाई की दर से खरीदीं, जबकि मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ने यही पिपेट्स लगभग 9 रुपये प्रति इकाई की दर से खरीदीं। हालांकि, गुणवत्ता परीक्षण न होने के कारण दरों के अंतर को जानबूझकर की गई कार्रवाई या गुणवत्ता भिन्नता का परिणाम मानने का ठोस निष्कर्ष नहीं निकाला जा सका।
मामला पहुंचा हाईकोर्ट
लंबित भुगतान को लेकर संबंधित फर्म ने हाईकोर्ट में वाद दायर कर दिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि अब पूरे प्रकरण की पुन: समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। इस मामले में जनता के पैसे के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है, और त्वरित कार्रवाई की मांग की जा रही है।
