कानपुर में अब 4 साल में BA-BEd और BSc-BEd, छात्रों को मिलेगा Integrated Teacher Education Program का लाभ
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में अब छात्रों को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए-बीएड और बीएससी-बीएड पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो शिक्षकों के रूप में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए शैक्षणिक मार्ग को सरल बनाएगा। इस नई पहल से न केवल छात्रों का समय बचेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश में शिक्षक शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई दिशा मिलेगी।
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होने वाले इन पाठ्यक्रमों को नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से औपचारिक मान्यता मिल गई है। NCTE अधिनियम 1993 की धारा 14/15(3)(ए) के तहत आवश्यक संसाधनों, आधारभूत संरचना, वित्तीय प्रबंधन और योग्य शिक्षकों की उपलब्धता की गहन जांच के बाद यह स्वीकृति प्रदान की गई है। यह Integrated Teacher Education Program उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो 12वीं के बाद सीधे शिक्षण क्षेत्र में प्रवेश करना चाहते हैं।
पाठ्यक्रम की विशेषताएं और प्रवेश प्रक्रिया
निरीक्षण के आधार पर, बीए-बीएड और बीएससी-बीएड दोनों पाठ्यक्रमों में 50-50 सीटें स्वीकृत की गई हैं। इन पाठ्यक्रमों में छात्रों को केवल विषय ज्ञान ही नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षण कौशल, डिजिटल शिक्षण तकनीक, विद्यालयीय इंटर्नशिप और शोध-आधारित प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य के शिक्षक नवीनतम पद्धतियों से लैस हों।
प्रवेश प्रक्रिया वर्ष 2026 में शुरू होगी, और इसमें 12वीं उत्तीर्ण या परीक्षा में सम्मिलित हो रहे छात्र आवेदन कर सकेंगे। आवेदन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएंगे। यह कोर्स छात्रों को स्नातक और बीएड दोनों की डिग्री चार वर्ष में ही प्रदान करेगा, जिससे उनका एक वर्ष बचेगा।
सार्वजनिक प्रभाव और भविष्य की दिशा
इस नई पहल का सीधा लाभ कानपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों के अभ्यर्थियों को भी मिलेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि यह कोर्स छात्रों के लिए एक सुगम शैक्षणिक मार्ग प्रशस्त करेगा और प्रदेश में शिक्षक शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने में सहायक होगा। यह कदम राज्य में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
