कानपुर: 354 लोगों की ब्लड रिपोर्ट लखनऊ में अटकी, NGT की सख्ती | Kanpur News
कानपुर के निवासियों के स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है, जहाँ 354 लोगों की ब्लड सैंपल रिपोर्ट एक महीने से भी अधिक समय से लखनऊ के लोहिया अस्पताल में अटकी हुई है। इन नमूनों में क्रोमियम, मर्करी, लेड और आर्सेनिक जैसे खतरनाक भारी धातुओं की जांच की जानी थी, जिनकी रिपोर्ट में देरी से स्थानीय लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है और 7 अप्रैल तक प्रभावित लोगों के इलाज की रिपोर्ट मांगी है, जिसके बाद कानपुर के सीएमओ कार्यालय ने लोहिया अस्पताल को पत्र लिखकर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
जांच रिपोर्ट में देरी से बढ़ी चिंता
एनजीटी के निर्देश पर कानपुर में 9 से 19 जनवरी तक ब्लड सैंपल कलेक्शन कैंप लगाए गए थे। जाजमऊ से पनकी तक 10 दिनों में 586 लोगों के सैंपल लिए गए, जबकि लक्ष्य 1020 सैंपल का था। इन सभी नमूनों को जांच के लिए लखनऊ के लोहिया अस्पताल भेजा गया था। लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी 354 नमूनों की रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति पर अनिश्चितता बनी हुई है। यह देरी कानपुर News के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चिंता का विषय बनी हुई है।
भारी धातुओं की मौजूदगी और एनजीटी का रुख
सीएमओ हरिदत्त नेमी ने बताया कि पहले केवल क्रोमियम और मर्करी की जांच की जा रही थी, लेकिन इस बार लेड और आर्सेनिक को भी नमूनों में शामिल किया गया है। पूर्व में आई 233 रिपोर्टों में से 215 लोगों के खून में क्रोमियम, चार में मर्करी और 10 में क्रोमियम व लेड दोनों पाए गए थे। जिन लोगों के खून में भारी धातुओं की मात्रा मानक से अधिक पाई गई है, उनके इलाज को लेकर एनजीटी गंभीर है। एनजीटी ने 7 अप्रैल तक इलाज की रिपोर्ट तलब की है, जिसके मद्देनजर लंबित जांच रिपोर्टों को जल्द से जल्द जारी करने का दबाव बढ़ गया है। यह देरी कानपुर के पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रयासों पर सवाल उठाती है।
