कानपुर में प्रधान के बेटे ने दलित बस्ती पर किया हमला, फायरिंग के बाद घर फूंका; Kanpur crime news
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक ग्राम प्रधान के बेटे और उसके लगभग 15-20 साथियों ने दलित बस्ती पर हमला कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सजेती थाना क्षेत्र के मढ़ा गांव में हुई इस वारदात में हमलावरों ने फायरिंग की, लोगों को पीटा और एक दलित परिवार का घर भी फूंक दिया। इस हिंसक झड़प में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यह घटना समाज में दलितों के प्रति बढ़ती हिंसा और दबंगई को दर्शाती है।
यह विवाद शनिवार दोपहर में शुरू हुआ था, जब सरगांव की प्रधान निधि यादव का बेटा अभय ट्रैक्टर-ट्रॉली से भूसा लेकर घाटमपुर जा रहा था। मढ़ा गांव में महेश संखवार के घर के सामने रास्ते में खड़ी मिक्सर मशीन और बंधी भैंस के कारण रास्ता संकरा था। इसी बात पर अभय का महेश की पत्नी भाग्यवती से विवाद हो गया। आरोप है कि भाग्यवती के बेटों कुलदीप, शिवम और संदीप ने अभय को पीट दिया, जिससे उसके चेहरे पर चोट आई।
इसी मारपीट का बदला लेने के लिए रात करीब साढ़े आठ बजे अभय चार कारों में 15 से 20 लोगों के साथ मढ़ा गांव की दलित बस्ती पहुंचा। हमलावरों ने आते ही उत्पात मचाना शुरू कर दिया। वे सीधे भाग्यवती के घर में घुस गए और उन्हें व उनके बेटों शिवम और कुलदीप को पीटना शुरू कर दिया। जब पड़ोसी ज्ञानेंद्र और उनके बेटे गोलू ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया। पीड़ितों का आरोप है कि दबंगों ने घर में आग लगा दी और असलहों से तीन से चार राउंड फायरिंग भी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इस हमले में भाग्यवती, उनके बेटे शिवम, पड़ोसी फूल सिंह और उनके बेटे गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के इकट्ठा होने पर हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर घाटमपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआत में इसे सामान्य मारपीट का मामला मानती रही। हालांकि, जब झोपड़ी जलने का वीडियो वायरल हुआ, तो डीसीपी साउथ को घटनास्थल पर पहुंचना पड़ा। पुलिस के अनुसार, पीड़ित झोपड़ी जलाने का आरोप दबंगों पर लगा रहे हैं, जबकि दबंगों का कहना है कि आग खुद लगाई गई है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि सुबह हुई मारपीट के बाद रात में अभय अपने साथियों के साथ गांव पहुंचा था। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। स्थानीय विधायक सरोज कुरील ने भी सीएचसी पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने पुलिस की शुरुआती निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने दलित समुदाय में भय का माहौल पैदा कर दिया है और प्रशासन पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई का दबाव बढ़ा दिया है।
