लखनऊ में सरकारी तालाब की पैमाइश पर खूनी संघर्ष, फायरिंग में चार घायल | Lucknow News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बीकेटी स्थित दिगोई गांव में बुधवार दोपहर सरकारी तालाब की पैमाइश के दौरान दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान जमकर लाठी-डंडे चले और ताबड़तोड़ फायरिंग भी हुई, जिसमें कम से कम चार लोग घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। यह घटना प्रशासनिक टीम की लापरवाही का नतीजा बताई जा रही है, क्योंकि पैमाइश के लिए पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी।
दरअसल, दिगोई ग्राम पंचायत के प्रधान आदर्श कुमार सिंह उर्फ लवकुश और गांव के अभय राज सिंह राठौर व उनके बेटों के बीच तालाब की जमीन पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। प्रधान ने पूर्व में प्रशासन से सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे की शिकायत की थी। तहसीलदार के आदेश पर कानूनगो अविनाश तिवारी और लेखपाल सर्वेश कुमार बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पैमाइश के लिए गांव पहुंचे थे।
प्रधान लवकुश के मुताबिक, जब पैमाइश शुरू हुई तो तालाब की जमीन पर कब्जा करने के आरोपी अभय राज सिंह, उनके बेटे अनुज सिंह राठौर, आदर्श सिंह राठौर, सम्राट सिंह राठौर और संदीप सिंह सहित करीब 20 अज्ञात लोग पहले से ही वहां मौजूद थे। आरोप है कि ये लोग करीब एक एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण करा रहे थे। पैमाइश शुरू होते ही अभय राज सिंह और उनके पक्ष ने हमला बोल दिया। संदीप सिंह ने जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिसकी गोली प्रधान के पास से गुजर गई। इसके बाद लाठी-डंडों और लात-घूंसों से मारपीट शुरू हो गई। अनुज सिंह ने बांके से हमला किया, जिससे प्रधान के भाई आलोक सिंह के सिर पर गंभीर चोट आई और बीच-बचाव में आए राजकुमार रावत भी घायल हो गए। प्रधान का कहना है कि आत्मरक्षा में उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से हवाई फायर किया।
वहीं, दूसरे पक्ष के रामसिंह उर्फ आदर्श ने आरोप लगाया है कि वे अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। प्रधान राजस्व टीम लेकर पहुंचे और अवैध निर्माण बताकर उसे गिरवाने की कोशिश की। विरोध करने पर प्रधान ने रिवॉल्वर की बट से उनके सिर पर प्रहार कर उन्हें घायल कर दिया। जब वे बचाव में भागे तो प्रधान ने फायरिंग कर दी।
बीकेटी के एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि जब विवाद हुआ, तब मौके पर पुलिस मौजूद नहीं थी। ग्राम प्रधान या तहसील की टीम द्वारा पैमाइश के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने की कोई सूचना नहीं दी गई थी। विवाद की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और गांव में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात है।
