अलीगढ़ में दीवानी न्यायालय में बम की सूचना पर हड़कंप, मॉक ड्रिल से खाली कराया परिसर | Aligarh news
अलीगढ़ के दीवानी न्यायालय परिसर में सोमवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बम होने की सूचना पर अचानक पुलिस सक्रिय हो गई। सुरक्षाबलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 18 मिनट के भीतर पूरे परिसर को खाली करा लिया, जिसमें अधिवक्ता, वादकारी और न्यायिक अधिकारी सभी सुरक्षित बाहर निकाले गए। हालांकि, बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नीरज कुमार जादौन ने स्पष्ट किया कि यह एक त्रैमासिक मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य न्यायालय की सुरक्षा तैयारियों का आकलन करना था। इस घटना से कुछ समय के लिए कामकाज बाधित हुआ और लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
दोपहर करीब 12 बजे दीवानी न्यायालय में सामान्य कामकाज चल रहा था। तभी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का फोन आया, जिसमें मॉक ड्रिल के लिए सहयोग मांगा गया। इसके तुरंत बाद एसएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी, डॉग स्क्वॉयड और बम निरोधक दस्ते की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने परिसर को खाली कराने के बाद मेटल डिटेक्टर और अन्य उपकरणों की मदद से चप्पे-चप्पे की गहनता से तलाशी ली।
करीब डेढ़ घंटे की चेकिंग के बाद, जब सब कुछ सामान्य पाया गया, तब लोगों को वापस न्यायालय में प्रवेश की अनुमति दी गई। इस अचानक हुई कार्रवाई से अधिवक्ताओं और वादकारियों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई थी, क्योंकि उन्हें लगा कि कोई वास्तविक खतरा है। कई वादकारी बिना काम कराए ही वापस लौट गए। पुलिस ने इस दौरान घंटाघर चौराहा और तस्वीर महल से आने वाले वाहनों का रूट भी डायवर्ट किया था, जिसे बाद में सामान्य कर दिया गया। एसएसपी ने साफ किया कि बम संबंधी कोई ईमेल या वास्तविक धमकी नहीं मिली थी, यह केवल सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा था।
