सिकंदरा-मानपुर संपर्क मार्ग डेढ़ महीने में ही टूटा, घटिया निर्माण पर उठे सवाल | Sikandra news
उत्तर प्रदेश के सिकंदरा में मानपुर-सिकंदरा संपर्क मार्ग का निर्माण कार्य डेढ़ महीने में ही दम तोड़ गया है। सरकार के ‘गड्ढा मुक्त’ अभियान के बावजूद, इस महत्वपूर्ण मार्ग पर फिर से गड्ढे उभर आए हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह घटना लोक निर्माण विभाग के ठेकेदारों की मनमानी और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत पर गंभीर सवाल उठाती है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
यह संपर्क मार्ग मानपुर गांव को सिकंदरा कस्बे से जोड़ता है और हाई-वे तक कम दूरी तय कराता है। इस मार्ग पर कई शिक्षण संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और घनी आबादी है, जिसके कारण यहां आवागमन काफी व्यस्त रहता है। पहले भी यह मार्ग गड्ढों से भरा रहता था, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कतें आती थीं। करीब डेढ़ माह पूर्व जब इसके लेपन का कार्य शुरू हुआ था, तो स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई थी।
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान ही गुणवत्ता की कमी साफ दिख रही थी। जैसे-जैसे मार्ग बनता जा रहा था, वैसे-वैसे पीछे से उखड़ता जा रहा था। ग्रामीण ठाकुर प्रसाद कश्यप, कन्हैया लाल दिवाकर, जगदीश नायक और प्रमोद बाबू जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्होंने ठेकेदार से घटिया निर्माण की शिकायत की थी, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। उनका कहना है कि अगर समय रहते निर्माण की गुणवत्ता का निरीक्षण किया जाता तो आज उन्हें फिर से गड्ढों भरे मार्ग से नहीं गुजरना पड़ता।
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर भी पर्यवेक्षण में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि निर्माण के दौरान मार्ग बाधित रहने से जो परेशानी हुई, वह अब व्यर्थ साबित हो रही है। इस मामले में उच्च अधिकारियों को संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो और जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
