मनरेगा अध्यादेश के विरोध में कांग्रेस की ‘MNREGA protest’ पदयात्रा, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर देशव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान’ के तहत जिला कांग्रेस कमेटी ने सहावर तहसील क्षेत्र में केंद्र सरकार के नए अध्यादेश ‘बीबीजी रामजी’ के विरोध में एक पदयात्रा निकाली। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मनरेगा मजदूरों के हितों की रक्षा करना और केंद्र सरकार द्वारा सौ दिन की रोजगार गारंटी योजना में किए गए कथित बदलावों का विरोध करना था। कांग्रेस ने इस अध्यादेश को मजदूरों के लिए अहितकर बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
केंद्र सरकार के अध्यादेश का विरोध
पदयात्रा के दौरान, पर्यवेक्षक अजय दुबे ने कहा कि केंद्र सरकार ने सौ दिन की रोजगार गारंटी योजना को बंद कर ‘बीबीजी रामजी’ नामक नया अध्यादेश लागू किया है, जिससे मनरेगा मजदूरों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। उन्होंने जोर दिया कि कांग्रेस हमेशा मजदूरों के हितों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। यह ‘MNREGA protest’ देश भर में कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है।
मनरेगा में बदलावों की वापसी की मांग
जिलाध्यक्ष मनोज पाण्डेय ने मनरेगा में किए गए बदलावों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि काम के संवैधानिक अधिकार को पूर्ण रूप से बहाल किया जाना चाहिए और मनरेगा मजदूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर चार सौ रुपये किया जाना चाहिए। मनरेगा जिला कोऑर्डिनेटर मुनेन्द्र पाल सिंह ने भी अपने विचार साझा किए और मजदूरों के अधिकारों के लिए एकजुटता का आह्वान किया।
पदयात्रा और ज्ञापन सौंपना
यह पदयात्रा अमांपुर से शुरू होकर हाथी नगला, थरा चीतरा, बीनपुर कलां और फरौली चौराहा जैसे विभिन्न स्थानों से गुजरी, जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा मजदूरों और आम लोगों से संवाद किया। पदयात्रा का समापन तहसील सहावर पर हुआ, जहाँ एसडीएम हर्षिता देवडा को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान शहर अध्यक्ष राजेंद्र कश्यप सहित कई स्थानीय कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
