कानपुर में Check Bounce मामले में 6 माह की कैद, 4.50 लाख जुर्माना
कानपुर में Check Bounce से जुड़े एक महत्वपूर्ण फैसले में, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय घनश्याम पाठक ने एक व्यक्ति को छह महीने की कैद और 4.50 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय वित्तीय लेनदेन में सावधानी और चेक बाउंस कानूनों की गंभीरता को दर्शाता है, जिससे आम जनता के बीच ऐसे मामलों में जागरूकता बढ़ेगी।
मामला लक्ष्मीपुरवा निवासी विमल कुमार और हरजिंदर नगर निवासी सुशील कुमार के बीच का है। विमल ने सुशील को तीन लाख रुपये उधार दिए थे। इस रकम को चुकाने के लिए सुशील ने 2 नवंबर 2013 को एक चेक जारी किया था, जो बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। इसके बाद विमल ने 18 जनवरी 2014 को सुशील के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया था।
विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सभी दस्तावेजी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद सुशील कुमार को दोषी पाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 4.25 लाख रुपये परिवादी विमल कुमार को दिए जाएंगे, जबकि शेष 25 हजार रुपये सरकारी खाते में जमा किए जाएंगे।
अपने निर्णय में, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोषी सुशील कुमार एक महीने के भीतर पूरी जुर्माने की राशि का भुगतान कर देता है, तो छह महीने की कारावास की सजा समाप्त मानी जाएगी।
