कानपुर में अधिवक्ता राजाराम हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की तैयारी, फाइल DGP को भेजी गई | Kanpur crime news
कानपुर में चर्चित अधिवक्ता राजाराम वर्मा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जा सकती है। पुलिस आयुक्त ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति करते हुए फाइल डीजीपी मुख्यालय भेज दी है। यह कदम बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री की पत्नी और स्थानीय सांसदों द्वारा की गई अपील के बाद उठाया गया है। इस हत्याकांड ने पूरे शहर में Kanpur crime news को लेकर चिंता बढ़ाई थी, और अब इसकी निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है।
अधिवक्ता राजाराम वर्मा, जो आईआईटी के पूर्व रजिस्ट्रार भी थे, की 22 दिसंबर 2021 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शूटर दिलनियाज, राहुल यादव, अंकित यादव और रामखिलावन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। हालांकि, रामखिलावन को छोड़कर अन्य सभी आरोपी इस समय जमानत पर बाहर हैं। राजाराम के बेटे नरेंद्र देव ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर मामले की अग्रिम विवेचना की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों से पूछताछ भी की थी।
पुलिस आयुक्त के आदेश पर अग्रिम विवेचना शुरू हुई थी, जिसमें पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी, एनआरआई सिटी के निदेशक एसके पालीवाल और राजेश गुप्ता से पूछताछ की गई थी। इसी दौरान राकेश तिवारी की पत्नी ने सीबीआई जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें दोनों सांसदों और बार एसोसिएशन के महामंत्री का अनुरोध पत्र भी संलग्न था। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह संस्तुति डीजीपी मुख्यालय भेजी गई है। यदि शासन की ओर से मंजूरी मिलती है, तो यह मामला सीबीआई को हस्तांतरित कर दिया जाएगा, जिससे हत्याकांड की गुत्थी सुलझने की उम्मीद है।
