आगरा में 15 साल पुराने अपहरण-दुराचार केस में फैसला, दो दोषियों को 10 साल की सजा (Agra court news)
आगरा कोर्ट ने 15 साल पुराने एक सनसनीखेज अपहरण और दुराचार के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला जज यशवंत कुमार सरोज की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी धर्मेंद्र सिंह जाटव और प्रकाश उर्फ जयप्रकाश पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 2010 का है, जब आरोपियों ने एक नाबालिग लड़की को अगवा कर लिया था।
साइकिल के करतब से शुरू हुआ था जाल
घटना दिसंबर 2010 की है। आरोपी धर्मेंद्र सिंह जाटव गांव में साइकिल के करतब दिखाकर लोगों का ध्यान आकर्षित करता था। इसी बहाने उसने वादी के घर आना-जाना शुरू कर दिया। 5 दिसंबर को जब वादी की 16 वर्षीय बेटी बाजार गई, तो आरोपियों ने उसे रोक लिया। उन्होंने लड़की को उसके पिता के एक्सीडेंट की झूठी खबर दी और उसे अस्पताल ले जाने के बहाने टेम्पो में बैठा लिया।
दिल्ली और अहमदाबाद ले जाकर किया दुराचार
आरोपी लड़की को बहला-फुसलाकर दिल्ली, फरीदाबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों में ले गए। इस दौरान लड़की के साथ कई बार दुराचार किया गया। जनवरी 2011 में पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया। कोर्ट में पीड़िता के बयानों और पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपियों को दोषी ठहराया गया। अदालत ने इस गंभीर अपराध को देखते हुए दोनों दोषियों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
