यूपी में औद्योगिक विकास के लिए बैंकिंग सुधार जरूरी: ब्रजेश पाठक, IBC news पर दिया जोर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बैंकिंग सुधारों को अधिक सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश के स्थायी औद्योगिक विकास के लिए एक पारदर्शी क्रेडिट संस्कृति समय की मांग है। पाठक शनिवार को गोमती नगर में पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा ‘आईबीसी प्लस’ पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) 2016 ने एनपीए की रिकवरी में गेम-चेंजर की भूमिका निभाई है। डिप्टी सीएम ने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश में अब एक मजबूत वित्तीय वातावरण तैयार हो चुका है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। बैंकिंग प्रणाली में सुधार और समय पर ऋण वापसी की संस्कृति विकसित होने से राज्य में महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रगति हुई है।
एनसीएलटी को सशक्त बनाने की मांग
सम्मेलन के दौरान विशेषज्ञों ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया। एनसीएलटी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. यू.के. चौधरी ने लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए बेंचों की संख्या बढ़ाने और बुनियादी ढांचे के उन्नयन की मांग उठाई। विशेषज्ञों ने कहा कि आईबीसी ने संकटग्रस्त संपत्तियों को फिर से अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में लाकर पूंजी प्रवाह को सुगम बनाया है।
एनपीए में ऐतिहासिक कमी
सम्मेलन में जानकारी दी गई कि देश का सकल एनपीए घटकर ऐतिहासिक रूप से 2.2 प्रतिशत और शुद्ध एनपीए 0.5 प्रतिशत रह गया है। तकनीकी सत्रों में पूर्व एनसीएलटी सदस्यों और डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. अमर पाल सिंह सहित देश भर से आए 150 विशेषज्ञों ने कॉर्पोरेट दिवालियापन प्रक्रिया और लिक्विडेशन जैसे जटिल विषयों पर अपने विचार साझा किए।
