रोबोटिक्स और ऑटोमेशन: भविष्य की औद्योगिक क्रांति का आधार, राष्ट्रीय सम्मेलन में मंथन
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और मैकेनिकल इंजीनियरिंग पर प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह दो दिवसीय वैश्विक आयोजन रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शोधकर्ताओं, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने रोबोटिक्स और ऑटोमेशन को भविष्य की औद्योगिक क्रांति का आधार बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऑटोमेशन न केवल उत्पादकता बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रो. पांडेय ने तकनीकी शिक्षा में मौलिक सिद्धांतों के महत्व को रेखांकित किया और क्वांटम कंप्यूटिंग की भविष्य की प्रासंगिकता, चुनौतियों और रोबोटिक्स में इसके संभावित अनुप्रयोगों पर भी प्रकाश डाला।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने इसे तकनीकी विचारों के वैश्विक आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच करार दिया। उन्होंने स्वायत्त प्रणालियों, एआई-आधारित नियंत्रण प्रणालियों, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और एकीकृत प्रौद्योगिकियों के सतत विकास में योगदान पर प्रकाश डाला।
इस सम्मेलन में छह से अधिक देशों के 75 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं। ये पत्र मशीन विजन, ह्यूमन-रोबोट इंटरैक्शन, सस्टेनेबल मैकेनिकल डिजाइन, एआई एकीकरण और औद्योगिक ऑटोमेशन जैसे उन्नत विषयों पर केंद्रित हैं। इस तरह के आयोजन देश को तकनीकी नवाचारों में आगे बढ़ने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद करते हैं।
