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ग्रेटर नोएडा SIT कोर्ट से न्याय की उम्मीद, इंजीनियर युवराज मेहता मौत मामले में लापरवाही पर उठे सवाल

By Jan 28, 2026

ग्रेटर नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की पानी में डूबने से हुई मौत के मामले में अब SIT कोर्ट से न्याय की उम्मीद जगी है। 16 जनवरी को हुई इस दुखद घटना में बचाव दल की ओर से बरती गई घोर लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। पिता राजकुमार मेहता की आंखों के सामने बेटे युवराज को मौत के आगोश में समाते देख रहे थे, जबकि करीब 70 फीट की दूरी पर 80 प्रशिक्षित बचाव दल के सदस्य और डेढ़ सौ लोग तमाशबीन बने रहे।

डिलीवरी ब्वॉय मुनेंद्र सिंह ने जान जोखिम में डालकर युवराज को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पिता की गुहार के बावजूद, मौके पर मौजूद तीनों विभागों के अधिकारी और कर्मचारी युवराज को बचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करते नजर नहीं आए। पिता की सूचना पर पहुंची पुलिस, दमकल और एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे तक सिर्फ रस्सी फेंकने का प्रयास किया। बचाव दल का एक कर्मी ठंडे पानी और सरिया के डर से मात्र 10 सेकंड में बाहर निकल आया।

घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी, युवराज को बचाने में लापरवाही बरतने वाले विभागों के खिलाफ जिला स्तर पर आलाधिकारियों ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। हालांकि, दो बिल्डर कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन बिल्डरों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना ने हाईटेक गौतमबुद्धनगर की आपदा प्रबंधन की पोल खोल दी है, जो किसी की जान बचाने के लिए संसाधनों के मामले में कितना गरीब है। अब सभी की निगाहें SIT की अदालत पर टिकी हैं, ताकि युवराज मेहता को इंसाफ मिल सके।

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