ताजमहल में तिरंगा फहराया, हिंदू महासभा ने ली जिम्मेदारी, जानें क्या है मामला
आगरा के ताजमहल में गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक अप्रत्याशित घटना सामने आई, जहां अखिल भारत हिंदू महासभा के सदस्यों ने कथित तौर पर स्मारक के मुख्य मकबरे पर तिरंगा फहराया और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने जांच के आदेश दिए हैं।
हिंदू महासभा ने ली जिम्मेदारी
अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस कृत्य की जिम्मेदारी स्वीकार की है। महासभा के पदाधिकारियों का दावा है कि उन्होंने स्मारक के अंदर राष्ट्रगान भी किया। महासभा के सदस्यों ने कथित तौर पर स्मारक के अंदर तिरंगा छुपाकर ले गए और मुख्य मकबरे पर फहराया। इस दौरान उनके साथियों ने वीडियो भी बनाए, जो बाद में इंटरनेट पर वायरल हो गए। एक वीडियो में एक सदस्य को ताजमहल की ओर बाण चलाने की मुद्रा में पोज देते हुए भी देखा गया।
‘तेजोमहालय शिव मंदिर’ का दावा
महासभा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार सभी धार्मिक स्थलों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान करने के आदेश थे। उन्होंने दावा किया कि ताजमहल शिव मंदिर ‘तेजोमहालय’ है, इसलिए वहां उनके साथियों ने तिरंगा फहराया। महासभा पहले भी ताजमहल को शिव मंदिर मानने का दावा करती रही है और विरोध प्रदर्शन करती रही है।
एएसआई की जांच
एएसआई के नियमों के अनुसार, संरक्षित स्मारकों में किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने या अनधिकृत ध्वज फहराने की अनुमति नहीं है। इस घटना के बाद एएसआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि इस कृत्य के पीछे की सच्चाई का पता लगाया जा सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
