दावोस में यूपी को मिले 3 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 31 एमओयू पर हुए हस्ताक्षर
स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित 56वें विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में उत्तर प्रदेश को विभिन्न देशों के उद्यमियों से 2.92 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि दावोस में कुल 31 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने 119 उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें लगभग 56 प्रमुख वैश्विक कंपनियां शामिल रहीं।
प्रमुख निवेश प्रस्तावों में डाटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, वेस्ट-टू-एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, लाजिस्टिक्स, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, ईवी, फार्मा, हेल्थकेयर व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र शामिल हैं। सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव नीदरलैंड की कंपनी एएम-ग्रीन से मिला है, जो ग्रेटर नोएडा में एआई आधारित एक गीगावाट डेटा सेंटर की स्थापना करेगी। इस परियोजना में वर्ष 2028 तक लगभग ₹2.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे प्रदेश में डिजिटल व तकनीकी क्रांति के साथ ही युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
यूपी ने लगातार तीसरे वर्ष सम्मेलन में भाग लेकर अपनी विकास क्षमता, निवेश अनुकूल वातावरण व मजबूत शासन प्रणाली का प्रभावी प्रदर्शन किया। वैश्विक सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के लगभग 3000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 60 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल थे। इंडिया पवेलियन में उत्तर प्रदेश का पवेलियन निवेशकों से भरा रहा।
सभी एमओयू की नियमित निगरानी और निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए एक सिंगल-विंडो टीम गठित की जाएगी। यह टीम स्वीकृतियों से लेकर परियोजनाओं के संचालन तक समयबद्ध सहयोग प्रदान करेगी।
अन्य महत्वपूर्ण एमओयू में ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग पार्क में ₹3800 करोड़, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी के साथ नवीकरणीय ऊर्जा व ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर गैर-वित्तीय एमओयू, आरईसी लिमिटेड के साथ कृषि अपशिष्ट से ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ₹8000 करोड़, रश्मि मेटालिक्स द्वारा एक एमटीपीए एकीकृत इस्पात संयंत्र के लिए ₹4000 करोड़, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में ₹1000 करोड़, हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लांट में ₹1100 करोड़ और सोलर पावर प्रोजेक्ट्स तथा सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग में ₹10,500 करोड़ का निवेश प्रस्ताव शामिल है।
