बिहार के वैशाली में शहीद जवान को अंतिम विदाई, रमेश कुमार के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब (Vaishali news)
बिहार के वैशाली जिले में सोमवार को उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में शहीद हुए जवान रमेश कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव मुरौवतपुर पहुंचा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पूरे इलाके में ‘शहीद रमेश कुमार अमर रहें’ के नारे गूंज उठे।
रमेश कुमार महनार अनुमंडल क्षेत्र के सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के मुरौवतपुर गांव के निवासी थे। वह राष्ट्रीय राइफल्स की 62 आरआर बटालियन में नायक के पद पर तैनात थे। उन्होंने वर्ष 2013 में सेना ज्वाइन की थी और वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में देश की सेवा कर रहे थे। ड्यूटी के दौरान ही उन्होंने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीद रमेश कुमार अपने माता-पिता (स्वर्गीय राम इकबाल राय और स्वर्गीय मन्ती देवी) की नौ संतानों में सबसे छोटे थे। शहादत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी प्रियंका देवी और बड़े भाई विनोद राय का रो-रोकर बुरा हाल है। शहीद अपने पीछे 10 वर्षीय पुत्र ईशान और 8 वर्षीय पुत्री इशानी को छोड़ गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, रमेश कुमार लगभग छह महीने पहले अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए घर आए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह उनकी आखिरी मुलाकात होगी। शव यात्रा के दौरान जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर “भारत माता की जय” के नारे लगाए। यह बलिदान न केवल वैशाली बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
