यूपी के 18 जांबाज पुलिसकर्मियों को मिलेगा गैलेंट्री मेडल, 68 को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक
गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के 18 जांबाज पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को गैलेंट्री मेडल से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें उनके असाधारण शौर्य और बहादुरी के लिए दिया जाएगा। इसके साथ ही, 68 पुलिसकर्मियों को उनकी सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से नवाजा जाएगा। पूरे देश में कुल 982 जवानों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित किया जा रहा है, जिसमें 125 पुलिसकर्मियों को वीरता के लिए पुलिस पदक शामिल हैं।
यह सम्मान पुलिस, अग्नि शमन, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के जवानों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस के जिन 18 अधिकारियों और कर्मचारियों को वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है, उनमें संतोष कुमार (इंस्पेक्टर), सौरभ मिश्रा (सब-इंस्पेक्टर), कवींद्र (हेड कांस्टेबल), विनोद कुमार सिंह (अपर पुलिस अधीक्षक), अमित (इंस्पेक्टर) – 1st Bar to GM, बैजनाथ राम (हेड कांस्टेबल), मनोज कुमार सिंह (हेड कांस्टेबल), अतुल चतुर्वेदी (सब-इंस्पेक्टर), प्रदीप कुमार सिंह (सब-इंस्पेक्टर), सुशील कुमार सिंह (हेड कांस्टेबल), राकेश (अपर पुलिस अधीक्षक), धर्मेश कुमार शाही (पुलिस उपाधीक्षक) – 1st Bar to GM, सत्य प्रकाश सिंह (इंस्पेक्टर), यशवंत सिंह (सब-इंस्पेक्टर) – 1st Bar to GM, रजनीश कुमार उपाध्याय (पुलिस उपाधीक्षक), जर्रार हुसैन (सब-इंस्पेक्टर), सुनील सिंह (सब-इंस्पेक्टर), और कुणाल मलिक (कांस्टेबल) शामिल हैं।
वीरता पदक उन असाधारण और बहादुरी के कार्यों के लिए दिए जाते हैं जिनमें जान और माल की रक्षा करना, अपराध रोकना या अपराधियों को गिरफ्तार करना शामिल होता है। इन पदकों से सम्मानित होने वाले जवानों का चयन उनके द्वारा किए गए जोखिम और कर्तव्यों को ध्यान में रखकर किया जाता है। यह सम्मान न केवल उन वीर जवानों का गौरव है, बल्कि यह प्रदेश पुलिस के मनोबल को भी बढ़ाता है।
