लखनऊ नगर निगम द्वारा नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाने के प्रस्ताव को लेकर शहर के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। लखनऊ व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को महापौर सुषमा खर्कवाल के आवास...
लखनऊ नगर निगम द्वारा नए ट्रेडों पर लाइसेंस शुल्क लगाने के प्रस्ताव को लेकर शहर के व्यापारियों में भारी आक्रोश है। लखनऊ व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को महापौर सुषमा खर्कवाल के आवास पर पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और इस प्रस्ताव का विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह शुल्क थोपा गया तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें ‘लखनऊ बंद’ भी शामिल होगा।
व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने महापौर को बताया कि नगर निगम प्रशासन द्वारा नए लाइसेंस शुल्क को लेकर लगातार भ्रामक स्थिति पैदा की जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि 05 सितंबर 2024 को जब 21 नए ट्रेडों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव आया था, तब व्यापारियों के तीव्र विरोध और सांसद राजनाथ सिंह व पूर्व उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप के बाद इसे निरस्त कर दिया गया था।
संगठन के महामंत्री अनुराग मिश्र और वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तम कपूर ने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी के स्पष्ट आदेश के बावजूद दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में अपर नगर आयुक्त के हवाले से समाचार पत्रों में शुल्क लागू होने की खबरें प्रकाशित कराई गईं। उनका कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है कि नगर निगम के कुछ अधिकारी व्यापारियों को गुमराह कर पिछले दरवाजे से लाइसेंस शुल्क लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। यह सदन के निर्णय की अवहेलना है।
व्यापार मंडल ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी नया कर या लाइसेंस शुल्क थोपने की कोशिश की गई, तो व्यापारी समाज व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। इसमें नगर निगम से संबंधित करों का बहिष्कार और ‘लखनऊ बंद’ जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी। वहीं व्यापारियों की शिकायतों को सुनने के बाद महापौर सुषमा खर्कवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि व्यापारियों के हितों की अनदेखी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस मामले को पुनः सदन में रखकर पूरी तरह स्पष्टता के साथ पारित कराया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे।