पंचधातु का 286 किलो का स्वर्ण सारंग पहुंचा अयोध्या, ‘सबकुछ छोड़ो, सनातनी जोड़ो’ का संदेश
ओडिशा के राउरकेला से सनातन जागरण मंच द्वारा ‘सबकुछ छोड़ो, सनातनी जोड़ो’ के संदेश के साथ जन-जागरण करते हुए लाई गई पंचधातु निर्मित 286 किलोग्राम वजनी ‘सारंग’ यात्रा बुधवार देर रात अयोध्या के कारसेवकपुरम पहुंची। देश के पांच राज्यों से गुजरते हुए इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि सनातनी हिंसक नहीं हैं, लेकिन आत्मरक्षा के लिए अपने आराध्य से प्रेरणा लेकर शस्त्र उठाने में कभी पीछे नहीं हटेंगे।
सनातन जागरण मंच के अध्यक्ष संतोष कुमार बिस्वाल ने कहा कि समाज विरोधी तत्वों द्वारा निहित स्वार्थ में फैलाया गया जातीय, भाषायी व क्षेत्रीय वैमनस्य समाप्त करके ही देश को प्रभुता संपन्न राष्ट्र बनाया जा सकता है। इसके लिए हमें प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी होगी और धर्मविरोधी तत्वों को सख्ती से उत्तर देना होगा।
राउरकेला से तीन जनवरी को प्रारंभ हुई यह सारंग यात्रा ओडिशा के 30 जनपदों के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रविष्ट हुई। रास्ते में लगभग दो दर्जन जगहों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया।
तमिलनाडु के कांचीपुरम में पंचधातु (सोना, चांदी, जिंक, तांबा व लौह) से निर्मित यह सारंग आठ फीट लंबा व पांच इंच मोटा है। शुक्रवार को इसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय को समर्पित किया जाएगा और दर्शनार्थ एक सुरक्षित स्थल पर रखा जाएगा।
इस यात्रा के साथ चलने वाली लगभग 150 सदस्यीय टीम में ओडिशा के पूर्व कोयला मंत्री दिलीप राय, पूर्व विधायक सुब्रत तारेई, भाजपा के प्रदेश महासचिव शारदा सत्यपति और भाजपा समन्वयक विभु प्रसाद साहू जैसे प्रमुख लोग शामिल रहे। इस यात्रा का उद्देश्य आम जनमानस में धार्मिक चेतना और आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
