जम्मू में सब-इंस्पेक्टर पर हमले के आरोपी को नहीं मिली जमानत, कोर्ट ने कहा ‘गलत संदेश जाएगा’
जम्मू में सब-इंस्पेक्टर नितिन खजूरिया पर हमले के आरोपित नरेंद्र शर्मा को जमानत नहीं मिली है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जम्मू ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि यह मामला एक सेवारत पुलिस अधिकारी पर हुए जघन्य और जानलेवा हमले से जुड़ा है। ऐसे में जमानत देने से समाज में गलत संदेश जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी के फरार होने या दोबारा अपराध करने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 14 दिसंबर 2025 की है। घायल एसआई नितिन खजूरिया ने अपने बयान में बताया था कि चार हमलावर एक काले रंग की महिंद्रा थार में आए थे। उन्होंने उनकी मोटरसाइकिल रोकी, उन्हें घसीटकर एक मंदिर के पास ले गए और तेजधार हथियार से बार-बार हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने अदालत को बताया कि घटना की सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान मौजूद हैं। वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार भी जब्त किए गए वाहन से बरामद हुआ है।
अदालत के आदेश में यह भी बताया गया कि दो सह-आरोपितों को 17 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि नरेंद्र शर्मा को 18 दिसंबर 2025 को एक अन्य मामले में प्रतिबंधित हेरोइन जैसे नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद उसे आर्म्स एक्ट व बीएनएस मामले में भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस, बीएनएस और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से कई एफआईआर दर्ज हैं।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि प्रारंभिक रिपोर्ट में आरोपी का नाम नहीं था और सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद उसे फंसाया गया। हालांकि, अदालत ने आरोपों की गंभीरता, प्रथम दृष्टया साक्ष्य, आरोपी के आपराधिक इतिहास और मुकदमे पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। इस फैसले से कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश गया है।
