बदलते मौसम में बच्चों का रखें खास ध्यान, निमोनिया और Air Pollution से बच्चों की सांस उखड़ रही
मौसम में हो रहे बदलाव के कारण आगरा में बच्चों में वायरल संक्रमण और निमोनिया का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह की ठंड और दोपहर की तेज धूप के बीच तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस स्थिति के कारण बच्चों की सांस नलिकाएं सिकुड़ रही हैं, जिससे उन्हें सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही है। कई बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ रहा है।
सरकारी और निजी अस्पतालों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह और दोपहर के तापमान में बड़े अंतर के कारण वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। समय पर इलाज न मिलने पर यह वायरल निमोनिया का रूप ले लेता है, जिससे बच्चों को तेज बुखार और सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर भी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। वातावरण में मौजूद अति सूक्ष्म कण बच्चों की सांस नलिकाओं में सूजन पैदा कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, बच्चों को बार-बार नेबुलाइजर की आवश्यकता पड़ रही है, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल रही है। हालांकि, ठीक होने में अभी भी चार से पांच दिन का समय लग रहा है। इस मौसम में बुजुर्गों और मधुमेह रोगियों को भी सांस संबंधी बीमारियों के कारण अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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