बलूच नेता का सनसनीखेज खुलासा: पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में 40 मस्जिदों को किया ध्वस्त, ‘आतंकी देश’ है पाक
बलूचिस्तान के प्रमुख नेता मीर यार ने पाकिस्तान की सेना पर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उसे ‘आतंकी देश’ करार दिया है। यह टिप्पणी पाकिस्तान द्वारा भारत के आंतरिक मामलों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर में मस्जिदों की प्रोफाइलिंग को लेकर की गई आलोचना के जवाब में आई है।
मीर यार ने कहा कि पाकिस्तान को भारत की आलोचना करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उसकी अपनी सेना बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान प्रांत में अब तक लगभग 40 मस्जिदों को ध्वस्त किया है। इन घटनाओं में मस्जिदों पर सीधी बमबारी और पवित्र कुरान को जलाना जैसी क्रूरतापूर्ण कार्रवाई शामिल हैं।
बलूच राष्ट्रवादी नेता ने इस बात पर जोर दिया कि बलूचिस्तान गणराज्य जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर भारत के रुख का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, जो स्वयं अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है, उसे भारत, बलूचिस्तान या अफगानिस्तान को मानवाधिकारों पर उपदेश देने का कोई हक नहीं है। मीर यार ने विशेष रूप से कलात के खान की मस्जिद का उल्लेख किया, जिसे पाकिस्तानी सेना के टैंकों और तोपों से निशाना बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जहाँ हिंदू, सिख, ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय लगातार उत्पीड़न का शिकार होते हैं। ऐसे ‘आतंकी राज्य’ को किसी भी देश को मानवाधिकारों पर लेक्चर देने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए एक बड़ा झटका है, जो खुद को पीड़ित के रूप में पेश करने की कोशिश करता है।
