अलीगढ़ में मौनी अमावस्या पर स्नान-दान, पितरों की शांति के लिए किया गया तर्पण
माघ मास की अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और ध्यान का विशेष महत्व होता है। अलीगढ़ में भी लोगों ने तड़के उठकर पवित्र जल से स्नान किया। जिन लोगों के लिए संगम या पवित्र नदियों में जाना संभव नहीं था, उन्होंने घर पर ही नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया।
आत्मसंयम और मन की शुद्धि का पर्व
वैदिक ज्योतिष संस्थान के प्रमुख स्वामी पूर्णानंदपुरी महाराज के अनुसार, मौनी अमावस्या का पर्व आत्मसंयम, इंद्रिय निग्रह और मन की शुद्धि का प्रतीक है। इस दिन मौन रहकर किया गया जप, दान और स्नान हजार गुना फल प्रदान करता है। यह तिथि पितरों की तृप्ति, कर्म शुद्धि और मोक्ष साधना के लिए अत्यंत श्रेष्ठ मानी गई है।
पितरों के लिए किया गया तर्पण
माघ कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि शनिवार की दोपहर 12:04 मिनट से शुरू होकर रविवार की रात 1:22 मिनट तक रही। इस दौरान लोगों ने स्नान के बाद मौन धारण किया। मन ही मन ॐ नमः शिवाय, ॐ नमो नारायणाय और गुरु मंत्र का जप किया। यह तिथि पितरों को प्रसन्न करने की श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है। कई लोगों ने तर्पण कर पितृ दोष का शमन किया। साथ ही लोगों ने अन्न, वस्त्र, तिल, कंबल, घी और गुड़ का दान किया।
अलीगढ़ में ट्रेन में बम की फर्जी सूचना: नशेड़ी निकले साजिशकर्ता, जानें पूरा मामला
ट्रेन में बम की फर्जी सूचना: नशेड़ी, रंजिश और सीट का मामला, Aligarh में हड़कंप
अलीगढ़: लुईसा स्कूल में अवैध पार्किंग स्टैंड, ADM City ने दिए जांच के आदेश
नकली दवा सप्लाई के शक में पुलिस ने स्कॉर्पियो से दवाएं पकड़ी | fake medicine racket
मौनी अमावस्या पर अलीगढ़ में स्नान, दान और तर्पण, पितरों को मिली शांति
अलीगढ़ में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत, भतीजा गंभीर रूप से घायल
अलीगढ़ में दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर पलटने से किसान की मौत, भतीजा गंभीर रूप से घायल
