Indian Railways: अब जोन तय करेंगे एक्स-कैडर पदों पर तैनाती के नियम
भारतीय रेलवे ने प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। रेलवे बोर्ड ने अब जोनल स्तर पर ‘एक्स-कैडर’ पदों पर तैनाती और ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ के नियम तय करने का अधिकार दे दिया है। यह फैसला रेलवे के विकेंद्रीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है, जिससे जोनल रेलवे अपनी स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों का प्रबंधन कर सकेंगे। यह बदलाव पूरे देश में लागू होगा।
‘एक्स-कैडर’ पद वे होते हैं जो किसी कर्मचारी के मूल विभाग (जैसे इंजीनियरिंग या ट्रैफिक) से अलग होते हैं। इनमें सतर्कता विभाग या ट्रेनिंग सेंटर जैसे पद शामिल हैं। जब कोई कर्मचारी इन पदों पर काम करने के बाद अपने मूल विभाग में लौटता है, तो उसे एक निश्चित समय (कूलिंग ऑफ पीरियड) तक वहीं रहना पड़ता था। इस अवधि के दौरान वह दोबारा किसी विशेष पोस्टिंग के लिए आवेदन नहीं कर सकता था। पहले यह नियम पूरे देश में कठोरता से लागू होता था।
नए बदलाव के तहत, जोनल रेलवे अब अपनी आवश्यकतानुसार इस ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ की अवधि तय कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी जोन को किसी विशेष प्रोजेक्ट के लिए अनुभवी कर्मचारियों की तुरंत आवश्यकता है, तो वह ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ को कम कर सकता है। इससे कर्मचारियों की तैनाती में लगने वाला समय कम होगा और फाइलों को मंजूरी के लिए बार-बार रेलवे बोर्ड को भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रेलवे बोर्ड के उप-निदेशक (स्थापना) ने इस संबंध में सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर दिया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह अधिकार जोनल महाप्रबंधकों को दिया गया है ताकि वे अपने कार्यक्षेत्र की विशिष्ट समस्याओं और आवश्यकताओं के आधार पर नियम बना सकें। इससे कार्यप्रवाह में तेजी आएगी और रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
