Gurugram Crime News: जेब में पड़ी बिल ने खोला राज, दोस्त ने ही की थी फैसल की हत्या
गुरुग्राम पुलिस ने 14 दिन पुराने फैसल इदरीसी हत्याकांड को सुलझा लिया है। 8 जनवरी को सेक्टर 37 में झाड़ियों में फैसल का सड़ा-गला शव मिला था। पुलिस के लिए यह एक ब्लाइंड केस था, जिसे सुलझाने में मृतक की जेब से मिली एक बिल पर्ची ने अहम भूमिका निभाई। जांच में सामने आया कि मृतक फैसल के दोस्त सतीश तिवारी ने ही उसकी हत्या की थी। आरोपी ने पैसे के लेनदेन को लेकर वारदात को अंजाम दिया और शव को ठिकाने लगाकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
बिल पर्ची से हुई पहचान
8 जनवरी को शव मिलने के बाद पुलिस ने पहचान के लिए तलाशी ली। मृतक की पैंट की जेब से एक बिल पर्ची मिली, जिस पर एक मोबाइल नंबर लिखा था। यह बिल किसी कुली से सामान डिलीवरी का था। पुलिस ने इस नंबर के आधार पर जांच शुरू की और मृतक की पहचान कानपुर के मीरपुर कैंटोनमेंट के रहने वाले फैसल इदरीसी के रूप में हुई। परिवार ने फैसल की पत्नी और मामा पर हत्या का शक जताया था, क्योंकि वे घटना के बाद से लापता थे। हालांकि, पुलिस की जांच ने कहानी को नया मोड़ दिया।
CCTV फुटेज और बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज
पुलिस ने जांच के दौरान फैसल के बैंक अकाउंट ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का विश्लेषण किया। 24 दिसंबर को फैसल के अकाउंट से 110 रुपये के चार ट्रांजैक्शन सेक्टर 37 की एक वाइन शॉप पर हुए थे। वाइन शॉप के सीसीटीवी फुटेज में फैसल को अपने साथी (सतीश) के साथ चार बार आते-जाते देखा गया। पुलिस ने सतीश के मोबाइल नंबर की जांच की और उसके घर का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
लोन के विवाद में हुई हत्या
पुलिस पूछताछ में सतीश ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि वह और फैसल दोनों डिलीवरी बॉय थे और करीब डेढ़ महीने पहले एक वाइन शॉप पर मिले थे। सतीश को 1 लाख रुपये के लोन की जरूरत थी। फैसल ने लोन दिलाने के बदले 15,000 रुपये मांगे थे। सतीश ने अपनी पत्नी की बालियां गिरवी रखकर फैसल को पैसे दिए थे, लेकिन फैसल लोन नहीं दिला पाया। सतीश बार-बार पैसे वापस मांग रहा था। इसी बात को लेकर 24 दिसंबर को दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जिसके बाद सतीश ने फैसल की हत्या कर दी।
