गोरखपुर एम्स में छात्र के टूटे जबड़े का सफल ऑपरेशन, 20 टांके लगे, 3 घंटे चला जटिल सर्जरी
गोरखपुर एम्स में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र शिवांश पांडेय के साथ हुई एक गंभीर घटना के बाद सफल उपचार किया गया है। छात्र का जबड़ा एक साथी के हमले में पांच टुकड़ों में बंट गया था, जिसे एम्स के डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक जोड़ा है। इस घटना ने विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के अनुसार, छात्र शिवांश पांडेय, जो प्रयागराज के रहने वाले हैं, और उनके साथी आशीष कुमार, जो लखीमपुर खीरी के हैं, विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र हैं और एक ही छात्रावास के कमरे में रहते थे। शिवांश ने बताया कि दो जनवरी की रात करीब ढाई बजे जब वह सो रहे थे, तभी आशीष ने ईंट से उन पर हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर अन्य छात्र मौके पर पहुंचे और तत्काल मदद की।
जटिल ऑपरेशन और उपचार
गोरखपुर एम्स में दंत रोग विभाग के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. शैलेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम ने छात्र का ऑपरेशन किया। तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस जटिल सर्जरी में छात्र के टूटे हुए जबड़े और चेहरे की हड्डियों को स्क्रू और प्लेट की सहायता से सफलतापूर्वक जोड़ा गया। इसके अलावा, सिर में लगी गंभीर चोटों के कारण 20 से अधिक टांके लगाने पड़े। ऑपरेशन में दंत विभाग के डॉ. श्रीनिवास, डॉ. प्रवीण कुमार, डॉ. प्रियंका, डॉ. सुमित और डॉ. सौरभ, तथा एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. संतोष शर्मा, डॉ. भूपिंदर सिंह और डॉ. सीमा भी शामिल थे।
इस घटना से प्रभावित छात्र के परिवार और विश्वविद्यालय समुदाय के लिए यह एक राहत की खबर है कि जटिल ऑपरेशन सफल रहा। हालांकि, इस तरह की हिंसक घटनाएं छात्रों के बीच सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर चिंता बढ़ाती हैं।
