बीमा धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश: बीमारों की हत्या कर हड़पते थे ₹11.89 करोड़, संपत्ति कुर्क
अंतरराज्यीय बीमा धोखाधड़ी गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपितों की 11.89 करोड़ रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को संभल पुलिस और प्रशासन ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया है। यह गिरोह बीमार लोगों का बीमा करवाकर उनकी हत्या करता था और फिर उसे हादसे का रूप देकर बीमा राशि हड़प लेता था। इस संगठित अपराध गिरोह का पर्दाफाश 18 जनवरी 2025 को हुआ था, जब पुलिस ने एक कार से बड़ी मात्रा में नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद किए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा, जो एक निजी कंपनी में थर्ड पार्टी इन्वेस्टिगेटर आफिसर है, अपनी पद का दुरुपयोग कर बीमा क्लेम धोखाधड़ी का नेटवर्क चला रहा था। इस गिरोह का जाल 12 राज्यों में फैला हुआ था और यह केवल बीमा धोखाधड़ी तक ही सीमित नहीं था, बल्कि फर्जी आधार कार्ड बनाने, ट्रैक्टर गिरोह, फाइनेंस और लोन से जुड़े अन्य अपराधों में भी संलिप्त था। इस मामले में 25 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं और 70 से अधिक लोग जेल जा चुके हैं।
कुर्की के तहत मुख्य सरगना ओंकारेश्वर मिश्रा की वाराणसी में 1.26 करोड़ रुपये, सचिन शर्मा उर्फ मोनू की संभल, नोएडा और बदायूं में 9.18 करोड़ रुपये, और सचिन के भाई गौरव शर्मा की बदायूं में 1.44 करोड़ रुपये की संपत्ति चिह्नित की गई है। इस कार्रवाई से आम जनता को यह संदेश मिलता है कि ऐसे संगठित अपराधों पर नकेल कसी जा रही है और अपराधियों की अवैध संपत्ति जब्त की जा रही है, जिससे भविष्य में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा।
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