यूपी के औरैया में NRLM फर्जीवाड़ा: 16.71 लाख हड़पे, ब्लॉक मिशन प्रबंधक समेत 4 पर केस
औरैया जिले के भाग्यनगर ब्लॉक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत 16.71 लाख रुपये के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में ब्लॉक मिशन प्रबंधक सहित चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह फर्जीवाड़ा सरकारी योजना के तहत ग्रामीण गरीबों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी परियोजना को धूमिल करता है।
फर्जी समूह बनाकर हड़पे लाखों रुपये
जांच में पता चला है कि ब्लॉक मिशन प्रबंधक संकल्प तिवारी ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर और अपनी संस्तुति देकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की फफूंद शाखा में ‘जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ रोशनपुर’ के नाम से एक फर्जी खाता खुलवाया। इस खाते के माध्यम से विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से अनियमित तरीके से धनराशि हस्तांतरित और आहरित की गई। खंड विकास अधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी की तहरीर पर संकल्प तिवारी, पूनम डेविड, संध्या और निखिल कुशवाहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
कैसे हुआ पूरा खेल?
आरोप है कि ‘जागृति समूह’ के नाम से बैंक में खाता खोलकर, पहले यूपी ग्रामीण बैंक में रकम स्थानांतरित की गई और फिर उसे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में ट्रांसफर कराकर निकाल लिया गया। इस पूरे खेल में ब्लॉक मिशन प्रबंधक (बीएमएम) संकल्प तिवारी और निखिल कुशवाहा की संलिप्तता पाई गई। उपायुक्त रोजगार एसएन सिंह के निर्देश पर हुई गोपनीय जांच में यह पूरा मामला सामने आया। इसके बाद संकल्प तिवारी को कार्य से हटा दिया गया है।
योजना का उद्देश्य और वर्तमान स्थिति
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जिसे अब दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के नाम से जाना जाता है, भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एक गरीबी उन्मूलन परियोजना है। इसका मुख्य उद्देश्य स्व-रोज़गार को बढ़ावा देना और ग्रामीण गरीबों को संगठित करना है। इस तरह के फर्जीवाड़े न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग करते हैं, बल्कि योजना के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने में भी बाधा डालते हैं।
