हिमाचल प्रदेश: छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को टैक्स में राहत, सरकार का अहम फैसला
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य की छोटी जलविद्युत परियोजनाओं को राहत देने की तैयारी में है। इन परियोजनाओं पर लागू किए गए 2% राजस्व कर को लेकर सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सरकार इस पर छूट देने या न देने का फैसला ले सकती है। इस बैठक में जलविद्युत परियोजना संचालक कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे और वे अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को सरकार के सामने रखेंगे।
सरकार का तर्क है कि जलविद्युत परियोजनाओं से प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, भूमि और पर्यावरण पर असर पड़ता है, इसलिए इनसे उचित राजस्व मिलना चाहिए। इस कर से प्रदेश को सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है, जिसका उपयोग विकास कार्यों और सामाजिक योजनाओं में किया जाएगा।
हालांकि, छोटी जलविद्युत परियोजना संचालकों का कहना है कि सीमित उत्पादन और अधिक लागत के कारण उन पर कर का बोझ डालना व्यावहारिक नहीं होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनसे सुझाव मांगे थे, जिन पर अब सोमवार की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। राजस्व मंत्री ने संकेत दिया है कि सरकार छोटे प्रोजेक्ट्स की कठिनाइयों को समझकर एक संतुलित फैसला लेगी, ताकि राज्य के हितों के साथ-साथ निवेश और रोजगार पर भी नकारात्मक असर न पड़े।
