बिहार में स्लीपर बसों के मॉडिफिकेशन पर परिवहन मंत्री सख्त, परमिट रद्द करने की चेतावनी | Bihar bus modification
बिहार में स्लीपर बसों के निर्माण और संशोधन (मॉडिफिकेशन) को लेकर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि बसों का अनधिकृत मॉडिफिकेशन पाया गया, तो परिवहन विभाग द्वारा जारी परमिट तत्काल रद्द कर दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि कटिहार में की गई जांच में पाया गया कि कई बसें, जो सीटर के रूप में पंजीकृत थीं, मिश्रित सीटर-स्लीपर कॉन्फ़िगरेशन में चल रही हैं। यह केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 के नियमों का उल्लंघन है। स्लीपर बसों के निर्माण और संचालन के लिए विशेष मानक (AIS-119 व AIS-052) निर्धारित हैं, जिनका पालन अनिवार्य है।
सुरक्षा मानकों में आपातकालीन निकास, निर्धारित बर्थ का आकार, फायर रेसिस्टेंस और प्रोटोटाइप की जांच शामिल है। फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जारी करने से पहले बस की वास्तविक बॉडी कॉन्फ़िगरेशन की जांच आवश्यक है। कटिहार-सिलीगुड़ी जैसे अंतरराज्यीय मार्गों पर ऐसी बसों से आग लगने, ओवरलोडिंग और आपातकालीन निकास बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है।
नए नियमों के तहत, स्लीपर बसों का निर्माण केवल मान्यता प्राप्त ऑटोमोबाइल कंपनियों या फैक्टरियों में ही होगा। लोकल बॉडी बिल्डर्स अब इन्हें नहीं बना सकेंगे। हर स्लीपर बस में फायर डिटेक्शन सिस्टम, ड्राइवर की थकान का पता लगाने के लिए AI सेंसर और ड्राउजिनेस इंडिकेटर अनिवार्य होगा। साथ ही, आपातकालीन निकास के लिए हैमर, लाइट्स और मल्टी-पॉइंट एग्जिट की व्यवस्था करनी होगी। मौजूदा बसों में भी इन सुरक्षा उपायों को रेट्रोफिट करना होगा।
