शिमला सैटेलाइट टाउनशिप के विरोध में 12 गांव एकजुट, जमीन बचाने की मुहिम तेज
शिमला के जाठिया देवी क्षेत्र में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीण लामबंद हो गए हैं। बाग पंचायत में आयोजित एक विशेष ग्राम सभा में 12 गांवों के निवासियों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, ग्रामीण अपनी जमीन किसी भी कीमत पर टाउनशिप के लिए अधिग्रहित नहीं होने देंगे।
ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियों को जिला प्रशासन के समक्ष भी दर्ज कराया है। उनका कहना है कि जमीन और घरों के अधिग्रहण से उनकी आजीविका, परिवार और भविष्य पर गहरा असर पड़ेगा। वे अपनी भूमि को जीवन का मुख्य आधार मानते हैं और बिना उचित समाधान के अधिग्रहण को स्वीकार नहीं करेंगे। इससे पहले भी ग्रामीणों ने एसडीएम शिमला ग्रामीण के दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन किया था और सोशल इंपैक्ट सर्वे टीम को वापस जाने के नारे लगाए थे।
स्थानीय निवासी देशराज ने बताया कि हिमुडा द्वारा पहले बंजर भूमि ली गई थी, लेकिन अब पूरे गांव को लेने का क्या औचित्य है, यह समझ से परे है। पुजारी और किसान बाल किशन ने कहा कि यह केवल जमीन का नहीं, बल्कि इतिहास और भावनाओं का मुद्दा है। पुश्तैनी जमीन और कुल देवताओं के मंदिरों को छोड़ना आसान नहीं है। बाहरी लोगों को बसाने के लिए पीढ़ियों से रह रहे लोगों को उजाड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
संघर्ष समिति के प्रधान देशराज ने कहा कि पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर दिया है और अब प्रशासन के अगले कदम का इंतजार है। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी, लेकिन ग्रामीण अपनी जमीन बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
