लखनऊ: राम प्रसाद खेड़ा में सीवर का पानी घरों तक, बदहाली का ‘Smart City’ में नर्क
लखनऊ शहर के बीच राम प्रसाद खेड़ा की स्थिति बेहद चिंताजनक है, जहां सीवर लाइन के चोक होने से लोगों का जीवन नर्क बन गया है। आलमबाग मेट्रो स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित इस इलाके में वर्ष 2022 से सीवर लाइनें जाम हैं। शिकायत के बावजूद, सफाईकर्मी केवल खानापूर्ति कर चले जाते हैं, जिसके कुछ घंटों बाद ही सीवर का गंदा पानी नालियों से बाहर आकर लोगों के घरों के सामने बहने लगता है। इस गंदे पानी के साथ कीड़े भी घरों में घुस रहे हैं।
नगर निगम जोन पांच के अंतर्गत आने वाले इस इलाके में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। सीवर लाइनें चोक हैं, उनके ढक्कन खुले पड़े हैं, और नालियां गंदगी से भरी हैं। इंटरलॉकिंग सड़कें उखड़ी हुई हैं और बिजली के तार मकड़जाल की तरह फैले हुए हैं। ऐसी स्थिति में लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों ने पिछले तीन वर्षों में दर्जनों बार शिकायतें की हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। पार्षद से संपर्क करने पर भी कोई राहत नहीं मिली। हाल ही में ‘घर-घर जल’ योजना के तहत पाइप बिछाने के दौरान इंटरलॉकिंग उखाड़ दी गई और बाद में ठीक से ठीक नहीं की गई। सीवर लाइनें चूहों द्वारा खोदी गई हैं और कुछ हिस्सों में बिछाई ही नहीं गई हैं।
चुनावों के बाद पार्षद के दोबारा न आने की शिकायतें भी हैं। लोगों का कहना है कि समस्या बताने पर उन्हें वोट न देने की बात कही जाती है। मोहल्ले में मलबे और गंदगी का अंबार लगा है, जिससे हर ओर दुर्गंध फैल रही है और डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों का डर सता रहा है। अवैध कब्जों के कारण कई रास्ते भी बंद हो गए हैं। लगातार बह रहे सीवर के पानी को निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं, फिर भी समस्या बनी हुई है। इससे यहां रहने वाले करीब 12 से 15 हजार लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
एक अन्य समस्या आलमनगर रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते को लेकर है। सांसद राजनाथ सिंह के प्रयासों से रेलवे ने यह रास्ता खुलवाया तो है, लेकिन यह अभी भी कच्चा है और बारिश में कीचड़ में तब्दील हो जाता है। रेलवे इस रास्ते को पक्का बनाने की अनुमति नहीं दे रहा है, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। जगदेई यादव नाम की स्थानीय निवासी ने बताया कि यह रास्ता एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के लिए महत्वपूर्ण है।
सीवर चोक होने के कारण सफाई कर्मियों ने कई सीवर के ढक्कन हटा दिए हैं, जो अब गायब हैं। खुले पड़े सीवर चैंबरों से गंदा पानी और कीड़े बाहर निकलकर मोहल्ले में फैल रहे हैं। चारों ओर गंदगी और बदबू का आलम है। स्मार्ट सिटी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि यहां इंटरलॉकिंग उखड़ी है, गड्ढे हैं और सीवर का पानी फैला हुआ है। इस बदहाली के कारण लोग अपने रिश्तेदारों के घर आने से भी कतराते हैं।
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