यमुना प्रदूषण: नालों का होगा अध्ययन, नजफगढ़ नाले से 70% गंदगी का खुलासा
यमुना नदी को स्वच्छ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दिल्ली जल बोर्ड अब नदी में गिरने वाले सभी नालों का एक साल तक विस्तृत अध्ययन करेगा। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कौन से नाले कितना और किस प्रकार का प्रदूषण यमुना में फैला रहे हैं। इस अध्ययन से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर नदी की सफाई के लिए एक प्रभावी और ठोस रणनीति बनाई जाएगी।
प्रदूषण का मुख्य स्रोत: नाले
यमुना नदी में बढ़ते प्रदूषण का एक बड़ा कारण इसमें सीधे गिरने वाले नाले हैं। इन नालों के माध्यम से पड़ोसी राज्यों से आने वाली गंदगी भी नदी को दूषित कर रही है। विशेष रूप से नजफगढ़ नाला, जो गुरुग्राम से गंदगी लेकर दिल्ली में प्रवेश करता है, यमुना में लगभग 70 प्रतिशत प्रदूषण फैलाने के लिए जिम्मेदार है। इसी तरह, शाहदरा नाले के माध्यम से गाजियाबाद की गंदगी भी नदी में पहुँच रही है।
प्रदूषित क्षेत्र और नालों की पहचान
अध्ययन में पाया गया है कि वज़ीराबाद और ओखला के बीच यमुना नदी का 22 किलोमीटर का हिस्सा सबसे अधिक प्रदूषित है। इस खंड में 75 छोटे-बड़े नाले सीधे नदी में गिरते हैं। इनमें नजफगढ़ नाला, शाहदरा नाला, सप्लीमेंट्री ड्रेन के साथ-साथ हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आने वाले मंगेशपुर नाला, बुपनिया चुडानिया नाला, नरेला सीमा के पास नाला संख्या 6, और अलीपुर लिंक नाला जैसे महत्वपूर्ण नाले शामिल हैं। इन नालों के पानी की मात्रा का सटीक आकलन करने के लिए फ्लो मीटर लगाने की तैयारी की जा रही है।
ठोस कदम और भविष्य की योजना
अधिकारियों के अनुसार, नालों से आने वाले गंदे पानी में शहरों की गंदगी के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का अपशिष्ट भी शामिल है। अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर, आवश्यकतानुसार नए सीवेज उपचार संयंत्र (एसटीपी) और विकेन्द्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (डीएसटीपी) स्थापित करने का निर्णय लिया जाएगा। वर्तमान में, नजफगढ़ नाले में गिरने वाले छोटे नालों पर 27 डीएसटीपी लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में यमुना की समग्र सीवेज उपचार क्षमता को दोगुना करना है, ताकि घरों से निकलने वाले सीवेज को पूरी तरह से उपचारित किया जा सके।
दिल्ली डबल मर्डर केस: पूर्व केयरटेकर ने ‘Crime Patrol’ देखकर की थी बुजुर्ग दंपती की हत्या, ऐसे हुआ खुलासा
दिल्ली में आधी रात बुलडोजर एक्शन: फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण गिराए, पथराव में पुलिसकर्मी घायल
मिर्गी के मरीजों को बड़ी राहत, दिल्ली एम्स में फ्री होगी थेरेप्यूटिक ड्रग मॉनिटरिंग जांच
दिल्ली: अबुल फजल और शाहीनबाग में दो महीने से नाले का पानी, 3 लाख लोग परेशान | Delhi water logging
