मुजफ्फरपुर की शेरपुर पंचायत में जर्जर Muzaffarpur roads, पांच साल से मरम्मत का इंतजार
मुजफ्फरपुर शहर से सटी शेरपुर पंचायत के निवासियों को पिछले पांच सालों से जर्जर सड़कों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग की घोर लापरवाही के कारण यहां की दो महत्वपूर्ण सड़कें गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आम जनता का जीवन नारकीय बन गया है। इन सड़कों की मरम्मत और रखरखाव की जिम्मेदारी विभाग की है, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी एक बार भी काम नहीं हुआ।
शेरपुर मध्य विद्यालय से शेरपुर चौक और दुर्गा मंदिर से बंगरा जाने वाली सड़कें अब कंक्रीट की जगह दो-दो फीट के गड्ढों से भरी हैं। इन गड्ढों में सालोंभर जलजमाव की स्थिति बनी रहती है, जिससे वाहन रेंगते हुए चलते हैं और लोग गिरते-पड़ते आवागमन करने को मजबूर हैं। पिछले वर्ष जलजमाव से आक्रोशित होकर स्थानीय लोगों और सरपंच ने सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद कुछ जगहों पर खानापूर्ति के लिए गड्ढे भरे गए, लेकिन बरसात होते ही परतें उखड़ गईं।
ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता रामू प्रसाद ने बताया कि शेरपुर चौक वाली सड़क का टेंडर जारी हो चुका है और आगे की प्रक्रिया चल रही है। इस सड़क के जीर्णोद्धार में अभी करीब दो माह और लगने की संभावना है, जिसका निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूरा हो पाएगा। इसका मतलब है कि इस बार भी शेरपुर के लोगों को जलजमाव की पीड़ा झेलनी पड़ेगी।
वहीं, दुर्गा मंदिर से एयरटेल ऑफिस होकर बंगरा-माधोपुर की ओर जाने वाली सड़क की हालत और भी बदतर है। नाला न होने के कारण यह सड़क 2020 में बनने के दो साल बाद ही टूटने लगी थी। तीन साल से अधिक समय से मोहल्ले के लोग जलजमाव से परेशान हैं। छोटे बच्चों को स्कूल बस या ऑटो वाले घर से लेने नहीं आते, जिससे अभिभावकों को उन्हें मेन रोड तक छोड़ना पड़ता है। कार्यपालक अभियंता के अनुसार, इस सड़क के लिए वित्तीय बिड खुल चुकी है और शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एक माह में काम शुरू कराया जाएगा।
