वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को US सेना ने किया अगवा, ‘Venezuela crisis’ पर दुनिया में हंगामा
अमेरिकी सैनिकों ने 2 जनवरी की रात वेनेजुएनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को अगवा को अगवा कर लिया। उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है, जहां उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उन पर हथियार और ड्रग्स से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया जाएगा। इस घटना ने वैश्विक स्तर पर राजनीतिक भूचाल ला दिया है।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ममदानी ने इस कार्रवाई को ‘एक्ट ऑफ वॉर’ बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी कानून दोनों का उल्लंघन है। भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना ने भी ट्रम्प के मिलिट्री एक्शन की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर इसी तरह पुतिन भी जेलेंस्की को गिरफ्तार कर लें तो क्या होगा। उन्होंने कहा कि यह दुनिया के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है।
वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। वेनेजुएनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने डेल्सी से कार्यभार संभालने के लिए कहा है। इस बीच, इलॉन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक ने वेनेजुएला में 3 फरवरी तक लोगों को मुफ्त ब्रॉडबैंड इंटरनेट देने का ऐलान किया है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स के मुताबिक, राजधानी कराकास के कुछ इलाकों में अचानक इंटरनेट सेवा बाधित हो गई।
नाटो के एक पूर्व चीफ ने CNN से बातचीत में कहा कि वेनेजुएला में बढ़ती दुश्मनी अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर सकती है। खासकर तब जब वह अपनी सेना के जरिए वहां से तेल हासिल करने की कोशिश करेगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि वेनेजुएला पर हमला, इराक पर हमले के बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को वेनेजुएला पर लिए एक्शन के बाद उसके संसाधनों तक पहुंच हासिल होगी।
