उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देगा AI City, लखनऊ में 60% कोर जोन का खाका तैयार
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए आईटी-आईटीईएस और AI सेक्टर को ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में लखनऊ में प्रस्तावित AI City को विकसित करने के लिए खाका तैयार कर लिया गया है। यह परियोजना प्रदेश को वैश्विक टेक मानचित्र पर एक मजबूत पहचान दिलाने का काम करेगी।
AI City के विकास के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाया जाएगा, जिससे निजी निवेश और सरकारी सहयोग का संतुलित ढांचा तैयार हो सके। इस परियोजना के तहत, लखनऊ की AI City के लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र को कोर जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कोर जोन में AI इनोवेशन सेंटर, टेक पार्क और रिसर्च सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। शेष 40 प्रतिशत क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नए वर्ष की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ साझा करते हुए कहा था कि यूपी ‘डिजिटल पावरहाउस’ बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। सरकार का आगामी लक्ष्य यूपी को तकनीक और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसी के तहत लखनऊ और नोएडा में ‘AI City’ बनाने की बात कही गई थी।
इस AI City को एक समर्पित और आत्मनिर्भर टेक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां अत्याधुनिक डेटा सेंटर्स, हाई परफॉरमेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, AI रिसर्च लैब, स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर और ग्लोबल टेक कंपनियों के लिए आधुनिक वर्क प्लेस उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य भारतीय और वैश्विक AI कंपनियों को एक ही स्थान पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है। यह परियोजना लखनऊ को टॉप-20 ग्लोबल AI हब्स में शामिल करने में सहायक होगी।
