नालागढ़ ब्लास्ट: बब्बर खालसा ने ली जिम्मेदारी, पंजाब तस्करी रोकने की धमकी
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ पुलिस थाने के पास हुए धमाके ने राज्य की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना की जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब सॉवरेनिटी अलायंस ने ली है। इन संगठनों ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में दावा किया है कि यदि हिमाचल प्रदेश से पंजाब में नशीले पदार्थों की तस्करी रोकी नहीं गई, तो वे पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाएंगे।
यह धमाका गुरुवार सुबह पुलिस थाने की बाहरी दीवार के पास हुआ था, जिसकी तीव्रता इतनी अधिक थी कि थाने की इमारत, पुलिसकर्मियों के क्वार्टर और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए थे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को जान का नुकसान नहीं हुआ।
आतंकी संगठनों की धमकी के बाद राज्य में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और फोरेंसिक विशेषज्ञ भी मामले की जांच में जुट गए हैं। इस घटना ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती पेश की है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि खालिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा देश की शांति और एकता को चुनौती देने वाली किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने और इस हमले की जांच एनआईए या हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक बद्दी विनोद धीमान ने बताया कि पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। मामले की गहन जांच जारी है।
