नोएडा के Child PGI में 19 वर्षीय मरीज ने Hemophilia-A को हराया, डॉक्टरों ने बचाई जान
नोएडा के सेक्टर-30 स्थित चाइल्ड पीजीआई अस्पताल ने एक 19 वर्षीय मरीज को गंभीर बीमारी से बचाया है। दिल्ली के बदरपुर निवासी सुमित को हीमोफीलिया-ए (Hemophilia-A) जैसी जानलेवा बीमारी थी। गंभीर आंतरिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत नाजुक थी। डॉक्टरों की टीम ने जटिल इलाज और गहन चिकित्सा के जरिए उसे नया जीवन दिया।
सुमित को पिछले साल दिसंबर में गंभीर रक्तस्रावी सदमे (hemorrhagic shock) की स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसके परिवार ने बताया कि सुमित को बार-बार आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था, लेकिन शर्मिंदगी के कारण वह किसी को बता नहीं पा रहा था। 2023 में दिल्ली के एक अन्य अस्पताल में उसे हीमोफीलिया-ए का पता चला था, लेकिन उसकी स्थिति बिगड़ती जा रही थी।
चाइल्ड पीजीआई में डॉक्टरों ने जांच की तो पता चला कि सुमित को ‘इनहिबिटर पॉजिटिव हीमोफीलिया’ है। यह हीमोफीलिया का एक जटिल रूप है, जिसमें शरीर फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है। डॉक्टरों ने बाईपासिंग गहन चिकित्सा (bypassing intensive therapy) और विशेष फैक्टर रिप्लेसमेंट थेरेपी शुरू की।
इलाज के दौरान पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और पीडियाट्रिक सर्जरी विभागों की टीमों ने भी सहयोग किया। ब्लीडिंग की जगह का पता लगाने के लिए एंडोस्कोपी की गई। अस्पताल ने रक्तदाताओं के नेटवर्क से संपर्क किया और बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन करा रहे बच्चों के माता-पिता ने भी सुमित को खून दिया। सुमित की बहनों ने भी मेडिकल टीम पर अटूट विश्वास बनाए रखा।
लगातार निगरानी और इलाज के बाद सुमित की हालत में सुधार हुआ और आंतरिक रक्तस्राव बंद हो गया। जांच रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह सफल इलाज डॉक्टरों की विशेषज्ञता और मरीज के हौसले का परिणाम था।
