ओडिशा आवास घोटाला: पूर्व आईएएस विनोद कुमार 12वीं बार दोषी करार, 3 साल की सजा
ओडिशा के बहुचर्चित ग्रामीण आवास घोटाले में पूर्व आईएएस अधिकारी और ओडिशा रूरल हाउसिंग डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (ओआरएचडीसी) के पूर्व प्रबंध निदेशक विनोद कुमार को एक बार फिर दोषी ठहराया गया है। भुवनेश्वर की विशेष सतर्कता (विजिलेंस) अदालत ने शुक्रवार को उन्हें और पांच अन्य आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया। विजिलेंस विभाग के अनुसार यह विनोद कुमार की इस घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों में 12वीं सजा है। उनके खिलाफ अभी भी 15 अन्य विजिलेंस मामले लंबित हैं। अदालत ने सभी छह दोषियों को तीन-तीन वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
सरकारी राशि का दुरुपयोग
अदालत ने पाया कि आरोपियों ने ग्रामीण गरीबों के लिए बनी आवास योजनाओं के लिए जारी 52.95 लाख रुपये की सरकारी राशि का दुरुपयोग किया। आरोप है कि अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी बिल्डर संग्राम केशरी साहू को फायदा पहुंचाने के लिए फर्जी और जाली दस्तावेज तैयार किए हैं। सभी दोषियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा चलाया गया था। विशेष विजिलेंस न्यायाधीश ने सभी आरोपियों और बिल्डर को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। इस फैसले से सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के प्रति सख्ती का संदेश गया है।
