झारखंड में शीतलहर का कहर जारी, रांची का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा; नए साल पर भी ठंड से राहत नहीं
झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। रांची का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस मौसम की सबसे ठंडी रात में से एक है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने अगले तीन दिनों तक इसी तरह की ठंड बने रहने की भविष्यवाणी की है, जिससे नए साल के जश्न पर भी ठंड का असर पड़ने की संभावना है।
शीतलहर का प्रकोप और कोहरे का असर
राज्य के कई जिलों, विशेषकर रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, खूंटी, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में शीतलहर का प्रभाव देखा जा रहा है। रांची शहरी क्षेत्र की तुलना में आसपास के इलाकों में घने कोहरे की चादर बिछी हुई है, जिससे सुबह और देर रात के दौरान सड़क पर दृश्यता काफी कम हो गई है। इससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक अधिकतम तापमान चाईबासा का 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान रांची का 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, अगले तीन दिनों (30 दिसंबर से 1 जनवरी) के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। हालांकि, इसके बाद अगले दो दिनों (3 और 4 जनवरी) में तापमान में कोई बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। विभाग ने शीतलहर और घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है, खासकर मध्य और उत्तर-पश्चिमी जिलों के लिए।
जनजीवन पर प्रभाव
कड़ाके की ठंड ने लोगों की दिनचर्या को मुश्किल बना दिया है। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। कांके क्षेत्र में भी स्थिति गंभीर है, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और घना कोहरा छाया रहा। सर्द हवाओं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। खेतों और खुले मैदानों पर कोहरे की मोटी परत जमी हुई है, जिससे किसानों और राहगीरों को दिक्कतें हो रही हैं। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है।
