Air Purifier पर GST कटौती की मांग पर केंद्र का विरोध, दिल्ली हाई कोर्ट में दिया जवाब
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में एयर प्यूरीफायर पर GST कटौती की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) का विरोध किया है। याचिका में मांग की गई थी कि वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए एयर प्यूरीफायर को ‘मेडिकल डिवाइस’ के रूप में वर्गीकृत किया जाए और उन पर GST दर कम की जाए।
केंद्र की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) एन वेंकटरमन ने जस्टिस विकास महाजन और जस्टिस विनोद कुमार की पीठ को बताया कि GST काउंसिल मेडिकल डिवाइस का वर्गीकरण नहीं कर सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल डिवाइस का वर्गीकरण स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा विस्तृत जांच के बाद किया जाता है, न कि GST काउंसिल द्वारा।
ASG ने कोर्ट को बताया कि GST कटौती की प्रक्रिया जटिल है और इसे जल्दबाजी में नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि GST काउंसिल एक संवैधानिक निकाय है और यह एक संघीय कर प्रणाली है, जिसमें सभी राज्य शामिल होते हैं। किसी भी बदलाव के लिए राज्यों की सहमति आवश्यक होती है।
इससे पहले, 24 दिसंबर को हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ते वायु प्रदूषण के बीच GST काउंसिल से इस मुद्दे पर तत्काल बैठक करने और निर्णय लेने पर विचार करने को कहा था। केंद्र ने कोर्ट से कहा कि इस तरह के फैसले से ‘पेंडोरा बॉक्स’ खुल जाएगा और संसदीय समिति की सिफारिशों पर विचार करने की एक प्रक्रिया होती है, जिसका पालन किया जाना चाहिए।
