Putin Bush Pakistan: पुतिन ने 2001 में ही बुश को चेताया था, ‘पाकिस्तान सिर्फ परमाणु हथियारों वाला जुंटा है’
हाल ही में जारी हुए गोपनीय दस्तावेजों ने 2001 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बीच हुई एक निजी मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर हुई चर्चा को उजागर किया है। इन दस्तावेजों के अनुसार, पुतिन ने बुश को स्पष्ट रूप से चेताया था कि पाकिस्तान एक ‘परमाणु हथियारों वाला जुंटा’ है और पश्चिमी देशों को उसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
16 जून 2001 को स्लोवेनिया में हुई मुलाकात के दौरान पुतिन ने बुश से कहा था कि पाकिस्तान में कोई लोकतंत्र नहीं है, फिर भी पश्चिमी देश उसके परमाणु हथियारों के जखीरे पर चिंता क्यों नहीं जताते। पुतिन ने पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और परमाणु प्रसार के जोखिमों पर गहरी चिंता व्यक्त की थी।
पुतिन की यह टिप्पणी भारत के उस रुख को दर्शाती है जो वह वर्षों से पाकिस्तान के परमाणु प्रसार को लेकर अपनाता रहा है। भारत ने हमेशा पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं और उसकी राजनीतिक अस्थिरता को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। पुतिन की चेतावनी तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के 2011 के प्रसिद्ध ‘सांपों को अपने पड़ोस में पालने’ वाले बयान से एक दशक पहले आई थी, जो पाकिस्तान की दोहरी नीति पर कटाक्ष था।
नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव द्वारा सार्वजनिक किए गए इन दस्तावेजों से पता चलता है कि 2001 से 2008 के बीच दोनों नेताओं ने परवेज मुशर्रफ के नेतृत्व वाले पाकिस्तान को एक महत्वपूर्ण प्रसार जोखिम के रूप में देखा था। इन चर्चाओं ने परमाणु अप्रसार पर अमेरिका-रूस सहयोग को आकार दिया और क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित किया।
