भागलपुर में देशी चूजों से कुपोषण दूर करने की पहल, BPL परिवारों को मिलेगा रोजगार
भागलपुर में पशुपालन विभाग बीपीएल परिवारों के कुपोषित बच्चों को देशी चूजों के माध्यम से पोषण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस पहल के तहत, विभाग अपने पोल्ट्री फार्म में देशी चूजों का विकास कर रहा है। ये चूजे बड़े होने पर पशुधन मिशन योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को वितरित किए जाएंगे।
योजना का लाभ उठाने के इच्छुक परिवारों को पहले अपने प्रखंड कार्यालय में आवेदन करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद, उन्हें प्रति चूजा दस रुपये की दर से अधिकतम 45 चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे। इन देशी चूजों को पालने के लिए किसी विशेष देखभाल की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि वे घर के आसपास आसानी से अपना भोजन ढूंढ लेंगे।
इस योजना का दोहरा लाभ है। एक ओर, अंडों के सेवन से कुपोषित बच्चे पोषित होंगे। दूसरी ओर, मुर्गी अंडा देना बंद करने पर उसके मांस का भी उपयोग किया जा सकेगा। यह पहल बीपीएल परिवारों को स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान करेगी, जिससे वे अपने घर पर ही एक छोटा पोल्ट्री फार्म स्थापित कर सकेंगे और आय का एक नया स्रोत बना सकेंगे।
लाभार्थी प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी से संपर्क कर सकते हैं, जो सूची पशुपालन विभाग को भेजेंगे। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजनी कुमारी ने बताया कि चूजा वितरण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी और यह योजना कुपोषण को दूर करने के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी सहायक होगी।
