ओडिशा में 1.1 करोड़ के इनामी नक्सली कमांडर गणेश उईके ढेर, नक्सलवाद मुक्त होगा राज्य
ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 1.1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली कमांडर गणेश उईके को मार गिराया है। यह मुठभेड़ ओडिशा स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त अभियान के दौरान हुई। इस घटना को नक्सलवाद के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
गणेश उईके, जो भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सदस्य था और ओडिशा में संगठन का प्रमुख था, गंजम और कंधमाल जिलों की सीमा से लगे रम्पा जंगल क्षेत्र में मारा गया। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से गणेश उईके सहित कुल चार नक्सलियों के शव बरामद किए हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल थीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि कंधमाल में चल रहे ऑपरेशन में अब तक 6 नक्सली मारे जा चुके हैं। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “इस बड़ी सफलता के साथ, ओडिशा नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की कगार पर है। हम 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
पुलिस के अनुसार, गणेश उईके एक अनुभवी और खूंखार नक्सली नेता था, जो एक दशक से अधिक समय से ओडिशा-छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र कॉरिडोर में सक्रिय था। वह सशस्त्र दस्ते के संचालन, कैडरों की भर्ती और घने जंगल के इलाकों में उनकी आवाजाही में शामिल था। 69 वर्षीय उईके, जिसे पक्का हनुमंतु, राजेश तिवारी, चमरू और रूपा जैसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता था, तेलंगाना के नालगोंडा जिले का मूल निवासी था।
सुरक्षा बलों ने इलाके में तलाशी अभियान जारी रखा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य नक्सली वहां मौजूद न हो। इस कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की बहाली की उम्मीद जगी है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ेगा।
