अखलाक लिंचिंग केस: UP सरकार की अर्जी खारिज, कोर्ट ने कहा ‘बेबुनियाद’
उत्तर प्रदेश के बिसाहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक की लिंचिंग से जुड़े मामले में सूरजपुर कोर्ट ने राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण अर्जी को खारिज कर दिया है। सरकार ने आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने की अनुमति मांगी थी, जिसे कोर्ट ने सोमवार को अस्वीकार कर दिया।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि अभियोजन पक्ष द्वारा दायर की गई यह अर्जी कानूनी रूप से कमजोर और निराधार थी। इसे ‘अप्रासंगिक और बेबुनियाद’ बताते हुए कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से खारिज कर दिया।
यह घटना लगभग 10 साल पहले हुई थी, जब 50 वर्षीय मोहम्मद अखलाक को कथित तौर पर गाय काटने और मांस घर में रखने की अफवाह के बाद बिसाहड़ा गांव में पीट-पीटकर मार डाला गया था। यह मामला तब फिर से चर्चा में आया जब उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय अदालत से मामले के सभी 19 आरोपियों के खिलाफ आरोप वापस लेने की इजाजत मांगी थी। इस फैसले से न्याय प्रक्रिया पर जनता की नजरें टिकी रहेंगी।
